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संसद में राहुल गांधी का हमला, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, RSS और सरकार पर भी साधा निशाना

लोकसभा में राहुल गांधी ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था और आरएसएस को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उनके बयानों पर सत्ता पक्ष ने विरोध किया, जिससे सदन में जोरदार हंगामा हुआ।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Rahul Gandhi: लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। छात्रों के हालिया आंदोलनों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने अपनी भावनाओं को शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त किया, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करती नजर आई। राहुल ने सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया और कथित तौर पर पैलेट गन चलाने की अनुमति किस स्तर से मिली।

छात्रों की आवाज

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों का आंदोलन गुस्से या हिंसा का प्रतीक नहीं था, बल्कि यह देश के भविष्य की आवाज थी। उनका कहना था कि युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से जुड़े अपने सवाल लोकतांत्रिक तरीके से उठाए, लेकिन सरकार उनकी चिंताओं को समझने में असफल रही। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल को छात्रों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

RSS पर निशाना

अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा मंत्रालय स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का प्रभाव शिक्षा तंत्र पर बढ़ गया है। राहुल ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को “सिर्फ मुखौटा” बताते हुए आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था पर वैचारिक नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों की नियुक्तियों और परीक्षा प्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए।

सत्ता पक्ष का विरोध

राहुल गांधी के इन आरोपों पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध जताया। सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया और कई सांसदों ने उनसे अपने बयान वापस लेने तथा माफी मांगने की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल गांधी को बिना ठोस तथ्यों के गंभीर आरोप लगाने से बचने की सलाह दी और उन्हें चर्चा के मूल विषय पर केंद्रित रहने को कहा।

अखिलेश का समर्थन

इस दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव राहुल गांधी के समर्थन में खड़े नजर आए। उन्होंने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष गंभीर आरोप लगा रहे हैं तो सरकार को उनका जवाब देना चाहिए। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर असंसदीय भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया और मर्यादा में रहकर बोलने की नसीहत दी। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हस्तक्षेप करते हुए सदन में शांति बनाए रखने की अपील की और अध्यक्ष से आपत्तिजनक शब्दों को कार्यवाही से हटाने का अनुरोध किया।

सदन में हंगामा

हंगामे के बीच कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही प्रभावित रही। हालांकि, राहुल गांधी ने अपना भाषण जारी रखते हुए कहा कि देश के छात्र अब अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर खुलकर सवाल पूछ रहे हैं। उनका कहना था कि शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है और युवाओं की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। संसद में इस मुद्दे पर हुई तीखी बहस ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और छात्र आंदोलनों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया।

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